माँ का प्यार

सबसे निराला माँ का प्यार।
ईश्वर का अनुपम उपहार।
कुछ न लूँ मैं माँ के बदले।
चाहे मिल जाए संसार।
सबसे निराला माँ का प्यार।
हर धड़कन में रहती है माँ
और मेरी हर साँस में है माँ
और मेरी हर साँस में है माँ।
तू मुझमें मैं तुझ में हूँ माँ।
सबसे निराला माँ का प्यार।
चाहे रूठे सारी दुनिया
पर ना कभी रूठे मुझसे मेरी माँ।
माँ ने ही पहचान दिलाई
माँ ने ही हर बात बताई।
सबसे निराला माँ का प्यार।
हर सुख-दुख के सभी पलों में।
माँ ही तू माँ मुझको याद आई।
जीवन तुझसे पाया मैंने।
सुख दुख की पहचान कराई।
सबसे निराला माँ का प्यार।   

रचयिता
प्रतिभा शर्मा,
सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रघुनाथपुर,
विकास क्षेत्र व जनपद हापुड़।

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