परिवार का महत्व
परिवार प्राणी की आधारशिला है,
शब्दों से मत आँका जाए।
समाज की कल्पना हो न सकती,
परिवार यदि नकारा जाए।।
बिन परिवार अस्तित्व न होता,
समाज की कल्पना दुष्कर है।
सुरक्षा कवच है जीवन का यह,
स्वर्ग से पहले ईश्वर है।।
परिवार बने और बनकर टूटे,
अस्तित्व नहीं मिट सकता है।
परिवर्तन जो हुए स्वरूप पर,
प्रश्नचिह्न नहीं लग सकता है।।
एकल हुआ जब व्यक्ति स्वयं में,
संयुक्त परिवार एक आश्रय है।
उपहारस्वरूप मानव मूल्य का,
परिवार हमारी ताकत है।।
सभ्यता का केन्द्रबिन्दु है यह,
चरित्र का निर्माण करता है।
पाठशाला होती बच्चे की,
अच्छा- बुरा सिखाता है।।
शब्दों से मत आँका जाए।
समाज की कल्पना हो न सकती,
परिवार यदि नकारा जाए।।
बिन परिवार अस्तित्व न होता,
समाज की कल्पना दुष्कर है।
सुरक्षा कवच है जीवन का यह,
स्वर्ग से पहले ईश्वर है।।
परिवार बने और बनकर टूटे,
अस्तित्व नहीं मिट सकता है।
परिवर्तन जो हुए स्वरूप पर,
प्रश्नचिह्न नहीं लग सकता है।।
एकल हुआ जब व्यक्ति स्वयं में,
संयुक्त परिवार एक आश्रय है।
उपहारस्वरूप मानव मूल्य का,
परिवार हमारी ताकत है।।
सभ्यता का केन्द्रबिन्दु है यह,
चरित्र का निर्माण करता है।
पाठशाला होती बच्चे की,
अच्छा- बुरा सिखाता है।।
रचयिता
डॉ0 सुमन गुप्ता,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय कोट,

Comments
Post a Comment