सिर्फ और सिर्फ माँ
भगवान ने प्यारी सृष्टि रचाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
नौ महीने था कोख में पाला मुझे,
हुई होगी पीड़ा माँ कितनी तुझे,
दुख दर्द सहकर भी जग में ले आई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
गमों को छुपाके भी हँसती रहे,
खुशी देने वाली माँ हर दुख सहे,
रहे बनके हरदम बच्चों की सहाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
ममता की मूरत गुणों की धनी,
सदा ही रहेंगे माँ तेरे ऋणी,
माँ के ही आँचल में खुशियाँ समाईं।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
लगता है सूना जीवन माँ के बिन,
अंधेरा धरा पर छाया तेरे बिन,
देवों ने भी माँ की महिमा है गाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
है रिश्ता अनोखा निभा लो जरा,
खुश होगा गगन मुस्कराए धरा,
न अपमान करना कभी माँ का भाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
चलो माँ के चरणों में झुक जाएँ हम,
मातृ दिवस मिल कर मनाएँगे हम,
समर्पित है जीवन माँ को दो बधाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
रचयिता
मन्जू शर्मा,
सहायक अध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय नगला जगराम,
विकास खण्ड-सादाबाद,
जनपद-हाथरस।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
नौ महीने था कोख में पाला मुझे,
हुई होगी पीड़ा माँ कितनी तुझे,
दुख दर्द सहकर भी जग में ले आई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
गमों को छुपाके भी हँसती रहे,
खुशी देने वाली माँ हर दुख सहे,
रहे बनके हरदम बच्चों की सहाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
ममता की मूरत गुणों की धनी,
सदा ही रहेंगे माँ तेरे ऋणी,
माँ के ही आँचल में खुशियाँ समाईं।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
लगता है सूना जीवन माँ के बिन,
अंधेरा धरा पर छाया तेरे बिन,
देवों ने भी माँ की महिमा है गाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
है रिश्ता अनोखा निभा लो जरा,
खुश होगा गगन मुस्कराए धरा,
न अपमान करना कभी माँ का भाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
चलो माँ के चरणों में झुक जाएँ हम,
मातृ दिवस मिल कर मनाएँगे हम,
समर्पित है जीवन माँ को दो बधाई।
मुझे जन्म देने वाली माँ बनाई।।
रचयिता
मन्जू शर्मा,
सहायक अध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय नगला जगराम,
विकास खण्ड-सादाबाद,
जनपद-हाथरस।

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