कभी बुद्ध बनके

कभी बुद्ध बनके, तथागत बनके,
चले आना गौतम जी चले आना
तुम लुंबिनी वन में आना माता महामाया को साथ में लाना
महामाया साथ लेके
गौतमी गोद आके मुस्काना गौतम जी मुस्काना
 कभी बुद्ध बनके, तथागत बनके,
चले आना गौतम जी चले आना
तुम कपिलवस्तु में आना भाई देवदत्त को साथ में लाना
हंस गोद लेके उसका घाव धोके, उसे नीर पिलाके पिता शुद्धोधन से न्याय लेके
चले जाना गौतम जी चले जाना
कभी बुद्ध बनके तथागत बनके गौतम जी चले आना
तुम यशोधरा से विवाह रचाना
राहुल को जन्म दिलाके यशोधरा से आज्ञा लेके
 छन्दक साथ लेके
चले जाना गौतम जी
 चले जाना
कभी बुद्ध बनके तथागत बनके
 चले आना गौतम जी चले आना
तुम बुद्धगया में आना
बोधिवृक्ष नीचे तपस्या करना सुजाता से खीर खाके
 बुद्धत्व प्राप्त करके चले जाना
गौतम जी चले जाना
तुम अंगुलिमाल से मिलना मानवता का पाठ पढ़ाना उसका उद्धार करके
सद्बुद्धि देके चले जाना गौतम जी चले जाना
कभी बुध बनके, तथागत बनके
गौतम जी चले आना
तुम हेमा के घर पर आना अज्ञानता में ज्ञान जगाना जग में जन का कल्याण करके चले जाना
 गौतम जी चले जाना
 कभी बुद्ध बनके,
तथागत बनके चले जाना गौतम जी चले जाना

रचयिया
हेमवती,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छजलैट,
विकास खण्ड-छजलैट,
जनपद-मुरादाबाद।

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