मिशन शिक्षण संवाद एक कोशिश

मिशन शिक्षण संवाद ऐसा नवाचारी,
नवज्ञान का नव स्रोत  सृजनकारी।

यहाँ न कोई छोटे न बड़े,
शिक्षक, बच्चे सब लक्ष्य पर अड़े।

खेल-खेल में कैसे हो शिक्षा?
यह इस बात की देता है दीक्षा।

भंडार ज्ञान का साझा होता,
लाभ सभी को जी भर मिलता।

पहुँचे सब तक ज्ञान की बारिश,
रहती हरदम इसकी कोशिश।

नवाचार का  सागर अपार,
आमंत्रित रहते सबके विचार।

न रहे शिक्षा से कोई  वंचित,
ऑनलाइन भी करें हम शिक्षित।

अद्भुत मिशन की पहल को,
इच्छित सब  अपनाने को।

नव मंजिल नव राह दिखाये,
ज्ञान दीप हर मन में जगाये।

आओ हम सब हाथ मिलाएँ,
मिशन शिक्षण संवाद को बढ़ाएँ।

रचयिता
संगीता कोठियाल फरासी,
सहायक अध्यापिका,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गहड़,
विकास खण्ड-खिर्सू, 
जनपद-पौड़ी गढ़वाल,
उत्तराखण्ड।

Comments

  1. Such a beautiful poem ❣️ as you are mam....you are such an inspiration for new generation like me...❣️❣️lots of love❣️

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