श्रमिक दिवस
सहसा मन में सवाल आया,
मजदूर कौन?
जिसे दुनिया में गरीब मान लिया,
मजदूर,
मजदूर न छोटा, न गरीब होता है,
मजदूर गारे, सीमेन्ट वाला और ऑफिस वाला भी होता है,
जो अपने किए गए परिश्रम के बदले,
पूँजी ले वो मजदूर ही होता है।।
मजदूर देश की हर सफलता का अभिन्न अंग होता है,
अपने देश की आन और शान होता है,
जो देश, समाज की उन्नति में अपना अहम् योगदान दे,
वही मजदूर होता है।।
हमें देश की इस आन का,
सम्मान करना होता है,
क्योंकि इन्हीं के कारण,
देश आबाद होता है,
कोई ना छोटा, ना बड़ा,
ना गरीब, ना अमीर होता है।।
देश उन्नति में लगा,
हर इंसान समान होता है।।
मन की इस धारणा का जब बोध हुआ,
अन्तर्मन की आवाज निकली,
श्रमिक दिवस पर,
हर श्रमिक पर अभिमान हुआ।।
रचयिता
शालिनी सिंह,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय जानकीपुर,
विकास खण्ड-सिराथू,
जनपद-कौशाम्बी।
मजदूर कौन?
जिसे दुनिया में गरीब मान लिया,
मजदूर,
मजदूर न छोटा, न गरीब होता है,
मजदूर गारे, सीमेन्ट वाला और ऑफिस वाला भी होता है,
जो अपने किए गए परिश्रम के बदले,
पूँजी ले वो मजदूर ही होता है।।
मजदूर देश की हर सफलता का अभिन्न अंग होता है,
अपने देश की आन और शान होता है,
जो देश, समाज की उन्नति में अपना अहम् योगदान दे,
वही मजदूर होता है।।
हमें देश की इस आन का,
सम्मान करना होता है,
क्योंकि इन्हीं के कारण,
देश आबाद होता है,
कोई ना छोटा, ना बड़ा,
ना गरीब, ना अमीर होता है।।
देश उन्नति में लगा,
हर इंसान समान होता है।।
मन की इस धारणा का जब बोध हुआ,
अन्तर्मन की आवाज निकली,
श्रमिक दिवस पर,
हर श्रमिक पर अभिमान हुआ।।
रचयिता
शालिनी सिंह,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय जानकीपुर,
विकास खण्ड-सिराथू,
जनपद-कौशाम्बी।

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