सेहत का खज़ाना

तू तो है बड़ी अनमोल, 

सबकी सेहत बनाती। 

राजा हो या हो रंक,

सभी के मन को है भाती।।


दो पहिए पर चलती तू,

प्रदूषण कभी न करती तू।

पर्यावरण का करती संरक्षण, 

मजबूत सभी को बनाती।।

सभी के मन को है भाती।


बच्चे -बूढ़े सभी, 

तुझे करते पसन्द। 

तुझको  पाकर बच्चे लेते आनन्द, 

खुश सभी को  कर जाती।।

सभी के मन को है भाती।


माँसपेशियाँ और फेफड़ा,

मजबूत तू करती।

रक्त संचालन भलीभाँति कराती,

नींद भी अच्छी लाती।।

सभी के मन को है भाती।


तू तो है खजाना सेहत का,

3 जून 2018 संयुक्त राष्ट्र महासभा की संकल्पना। 

तुझको बनाया दुनिया ने अपना,

तब से साइकिल दिवस है मनाती।।

सभी के मन को है भाती।


रचयिता

सरिता तिवारी,

सहायक अध्यापक,

कम्पोजिट विद्यालय कन्दैला,

विकास खण्ड-मसौधा, 

जनपद-अयोध्या।



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