शिक्षा

सच्ची शिक्षा है वही, दे समता का ज्ञान।

इज्जत सबकी ही करे, रखे सभी का ध्यान।।


शिक्षा दीक्षा के लिए, करिये कठिन प्रयास।

भोजन करिए अल्प तुम, आश्रम करो प्रवास।।


शिक्षा अनुपम जब मिले, खिलता उर का फूल।

जीवन बसता ज्ञान सब, कटते हिय के शूल।।


गुरुवर शिक्षा दे रहे, अनुपम अतुल विधान।

शिक्षा लेते बाल सब, करते गुरु गुणगान।


शिक्षा मिलती त्याग से, जाने यह संसार।

आधी रोटी खा पढ़ो, यदि विद्या से प्यार।।


देवों से भी हैं बड़े, गुरुवर जीवन सार।

गुरुवर देते दण्ड भी, तब भी झलके प्यार।।


रचयिता
ओम प्रकाश श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक, 
प्राथमिक विद्यालय उदयापुर, 
विकास खण्ड-भीतरगाँव,
जनपद-कानपुर नगर।

Comments

Total Pageviews