ई पाठशाला
सुनो हमारे प्यारे बच्चों,
होना नहीं तुम मायूस।
घर बैठे मिल रही तुमको,
शिक्षा की सामग्री खूब।।
कर रहे हैं गुरुवर तुम्हारे,
शिक्षण का अत्यंत यत्न।
ना पीछे हटना होनहारों,
तुम कर लो थोड़ा सा जत्न।।
मेरे नन्हें- मुन्ने बच्चों,
चला रहे हम ई-पाठशाला।
अगर करोगे प्रतिदिन कार्य,
निर्मित होगी विद्या की माला।।
हिंदी, अंग्रेजी और गणित,
होता सभी विषयों का ज्ञान।
सच कहती हूँ मेरे शिष्यों
अब न रहो इससे अनजान।।
रचयिता
गीता देवी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मल्हौसी,
विकास खण्ड- बिधूना,
जनपद- औरैया।

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