राष्ट्रीय सादगी दिवस
सादा जीवन उच्च विचार,
इसको मानो सब आधार।
12 जुलाई को दिवस मनाते,
राष्ट्रीय सादगी दिवस ही है उपचार।।
हेनरी डेविड थोरा थे दार्शनिक,
महान व्यक्तित्व और लेखक।
सादगी का जीवन है जिया,
सादगी से ही करो विकास।।
आपदा ने थामी जिंदगी की रफ्तार,
नजरिया बदला सबका किया सुधार।
सादा खानपान दिनचर्या का हिस्सा,
इससे सुधरेंगे हमारे आचार विचार।।
भारतीय संस्कृति का सर्वोच्च मूल्य,
आपदा में इसका और बढ़ा मूल्य।
निजी जीवन में बैठाओ संतुलन,
भागदौड़ की जिंदगी का नहीं कुछ मूल्य।।
इस महामारी ने एहसास कराया,
जीवन के इस पहलू से परिचय कराया।
सादगी ही जिंदगी है इसे मानो,
इसने ही हमारा जीवन पार लगाया।।
रचयिता
नम्रता श्रीवास्तव,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बड़ेह स्योढ़ा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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