भूल गए

भूल गए हम क ख ग घ,

भूल गए हम गिनती।

मैडम जी आकर याद दिलाओ,

आज करें हम विनती।


गुम हो गईं कॉपी किताबें,

गुम हो गया बस्ता।

घर से स्कूल जाने का,

भूल गए हम रस्ता।

मैडम जी हमें बुलाने आओ,

आज करें हम विनती।

भूल गए.........


ड्रेस हम पहनें कब,

रखे हुए हैं जूते मोजे।

खेल कूद के सिवा नहीं हैं,

काम कोई भी दूजे।

मैडम जी हमें समझाने आओ,

आज करें हम विनती।

भूल गए.........


मम्मी पापा मारें पीटें,

और हमसे काम करावें।

बात उनकी ना मानें तो,

डाँट हमारी लगावें।

मैडम जी हमें बचाने आओ,

आज करें हम विनती।

भूल गए.........


पढ़ना लिखना भूल गए हम,

भूल गए सब पाठ।

पहाड़े सारे भूल गए हम,

अब कुछ भी नहीं है याद।

मैडम जी हमें पढ़ाने आओ,

आज करें हम विनती।

भूल गए.........


याद आपकी आती है,

सुन लो प्यारी मैडम।

भूल गईं क्या हम सबको,

बोलो प्यारी मैडम?

मैडम जी हमको गले लगाओ,

आज करें हम विनती।

भूल गए.........


रचनाकार

सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।



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