विश्व जनसंख्या दिवस

 आओ जनसंख्या दिवस मनाएँ,

 इस उद्देश्य को जन-जन तक पहुँचाएँ।

 मूल विषय(थीम) है क्या इस दिन की,

 सब मिलकर जागरूकता फैलाएँ।


 बाल-विवाह, बालिका शिक्षा,

 बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा।

 विवाह संबंधित जानकारियाँ,

 प्रत्येक जोड़े की स्वास्थ्य सुरक्षा।


 जनसंख्या पर रोक संबंधित,

 महिला-पुरुषों में जागरूकता।

 परिवार नियोजन एक मानवाधिकार,

 समृद्ध, शिक्षित, स्वस्थ बने परिवार।


 गर्भवती की मृत्यु बढ़ोतरी,

 बढ़ती स्वास्थ्य, प्रजनन समस्याएँ।

 बच्चों को जन्म देते हुए मृत्यु दर,

 प्रतिदिन लगभग आठ सौ महिलाएँ।


 परिवार कल्याण कार्यक्रमों को समझें,

 जननी और बच्चे का स्वास्थ्य।

 पौष्टिक भोजन उत्तम जीवन,

 बनेगा सबका जीवन आश्वस्त।


 यूनाइटेड डेवलपमेंट प्रोग्राम की गवर्निंग,

 काउंसलिंग का उद्देश्य यही है।

 स्वस्थ रहेंगे जच्चा-बच्चा,

 जनहित में सर्वोपरि सही है।


 आज भी मानव जाति का एक तबका,

 अज्ञानता से जूझ रहा है।

 नहीं पहुँचते कोई भी कार्यक्रम उन तक,

 नहीं पता क्या सही गलत है...?


 अति नहीं होती कोई भी अच्छी,

 यह बात है सौ आने सच्ची।

 स्वस्थ, शिक्षित हो परिवार सब का,

 तभी लगे हर योजना अच्छी।


 समय लगेगा इस मुहिम में,

 जन जागरण लगाना होगा।

 निष्ठा से उद्देश्य तक पहुँचें,

 तभी संभव हर नारा होगा।


रचयिता

बबली सेंजवाल,

प्रधानाध्यापिका,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गैरसैंण,
विकास खण्ड-गैरसैंण 
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

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