महिला सशक्तीकरण विशेषांक-147,दीप्ति कुशवाह,कानपुर देहात
*👩👩👧👧महिला सशक्तीकरण विशेषांक-147*
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*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
(दिनाँक- 02अगस्त 2019)
नाम -दीप्ति कुशवाह
पद- सहायक अध्यापक विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय घनारामपुर ,विकास खंड -सरवनखेड़ा ,जनपद -कानपुर देहात
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
👉 _"आत्म विश्वास अनमोल है।"_
_"अनुशासन और अभ्यास से ही आत्मविश्वास पैदा होता हैं।"_
आइये जानते हैं
इन शब्दों को अपना आदर्श मानने वाली सखी दीप्ति कुशवाह जी की कहानी
🔴मेरी प्रथम नियुक्ति 13 फरवरी 2009 को विकास खंड राजपुर ,कानपुर देहात में हुई। वहा लगभग डेढ़ वर्ष अध्यापन कार्य करने के उपरांत सितंबर 2010 में सरवनखेडा़,जनपद कानपुर देहात के प्राथमिक विद्यालय घनारामपुर स्थानांतरण ले कर पुनः सहायक अध्यापक पद पर कार्यभार ग्रहण किया।
🔴घनारामपुर एक मिश्रित आबादी वाला छोटा सा मजरा हैं। और यहा के लोग बेहद सभ्य और मिलनसार है।
आमतौर पर ग्रामीणों का रवैया अध्यापको के साथ असहयोगातमक ही रहता है परंतु यहाँ के लोगों का प्रेम और सम्मान मुझे तब अधिक महसूस हुआ जब वर्ष 2014 में मेरा promotion हुआ तो मेरे गाव के लोगों ने प्रधानाध्यापक जी से अनुरोध किया कि मैं अपनी पदोन्नति न ग्रहण करूँ। यदि मै promotion ले कर किसी अन्य विद्यालय में चली जाउगी तो बच्चो की पढ़ाई प्रभावित होगी। लोगों ने बहुत विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया कि बहन जी आपके जाने से हमारे बच्चो का भविष्य खराब हो जाएगा। सभी का अनुरोध मुझे द्रवित कर गया और मैंने पदोन्नति न लेने का फैसला किया। मेरे गाँव के लोगों का मुझ पर और प्रधानाध्यापक जी पर यह विश्वास ही मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।
एक शिक्षक के ऊपर समाज का विश्वास जो हमारे परिवेश से खत्म होता जा रहा है। यही विश्वास ही मेरा और मेरे प्रधानाध्यापक जी का अर्जन हैं। शायद जिसके लिए आज सभी शिक्षक प्रयासरत हैं।
साथियों मैने भी वही सब किया है जो तकरीबन *मिशन शिक्षण शक्ति* की प्रत्येक सखी ने किया
NCC की छात्रा होने के कारण अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा ही मेरी जीवनशैली हैं ।
अपने दायित्वों का निर्वहन मुझे आत्मिक सुख और संतोष देता है और अपने दायित्वों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन ही मुझे समाज से सम्मान दिलाता हैं।
_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*
Praiseworthy
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