शिक्षा है अनमोल रतन

शिक्षा है अनमोल रतन,
पढ़ने का सब करो जतन।
     जिसने यहाँ पर नाम कमाया,
   संसार में निज कर्त्तव्य दिखाया।
दिव्यज्ञान किया अर्जित वह,
विद्वान बना जीवन अर्पित वह।
    बचाया संस्कृति व अपना वतन
   पढ़ने का सब मिल करो जतन।
बेटी-बेटा सब एक समान,
सबको शिक्षा, सबको ज्ञान।
      आगे बढ़ना तुमको प्यारे,
       मेहनत कर पढ़ लो सारे।
मुश्किल नहीं जब होगा लगन,
पढ़ने का सब कर लो जतन।
    मेधावी यदि बनना है तुमको,
     तो पढ़ना लिखना रखो जारी।
हौसले बुलन्द रहें हमेशा,
तभी बढ़ेगी अपनी गाड़ी।
    मात पिता का कहना मानो,
     काम करो जो मन में ठानो।
अच्छे किताबों की लेना शरण,
पढ़ने का सब कर लेना जतन।।
       
रचयिता
रवीन्द्र शर्मा,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बसवार,
विकास क्षेत्र-परतावल,
जनपद-महराजगंज,उ०प्र०।

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