श्रद्धा सुमन @कलाम जी
मिसाइल मैन ने जन्म लिया,
जैनुल्लाब्दीन जी के घर।
15 अक्टूबर 1931,
धनुषकोडी रामेश्वरम्।
माँ आशिमा के संस्कार,
था निज का भी स्वाभिमान।
अख़बार बेच की पढ़ाई,
मुसीबतों से लड़ी लड़ाई।
पायलट बनने का सपना,
बन गए वैज्ञानिक अपना।
करते सेवा देश की,
पाया भारत रत्न।
पढ़ी किताबें; लिखी किताबें,
मिशन इंडिया इसमें खास।
सादा जीवन उच्च विचार,
राष्ट्रपति बने वैज्ञानिक, पहली बार।
27 जुलाई 2015 का दिन,
न दे सके मृत्यु को वह मात।
हुआ समर्पित देश को,
देश का यह दिव्य लाल।।
रचयिता
अंजू गुप्ता,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय खम्हौरा प्रथम,
विकास क्षेत्र-महुआ,
जनपद-बाँदा।
जैनुल्लाब्दीन जी के घर।
15 अक्टूबर 1931,
धनुषकोडी रामेश्वरम्।
माँ आशिमा के संस्कार,
था निज का भी स्वाभिमान।
अख़बार बेच की पढ़ाई,
मुसीबतों से लड़ी लड़ाई।
पायलट बनने का सपना,
बन गए वैज्ञानिक अपना।
करते सेवा देश की,
पाया भारत रत्न।
पढ़ी किताबें; लिखी किताबें,
मिशन इंडिया इसमें खास।
सादा जीवन उच्च विचार,
राष्ट्रपति बने वैज्ञानिक, पहली बार।
27 जुलाई 2015 का दिन,
न दे सके मृत्यु को वह मात।
हुआ समर्पित देश को,
देश का यह दिव्य लाल।।
रचयिता
अंजू गुप्ता,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय खम्हौरा प्रथम,
विकास क्षेत्र-महुआ,
जनपद-बाँदा।

Very nice mam
ReplyDeleteबहुत सुंदर।
Delete