एक शिक्षक हूँ
काश अगर मैं नेता होता
बातों से सबका मन भरता
वादों से झोली भरी होती
काम भले कुछ भी न करता।
काश अगर होता अभिनेता
रंग-रंग का अभिनय करता
होता नाम मेरा ही उसमें
चाहें कारनामे कोई भी करता।
काश अगर होता मैं डॉक्टर
जीवन में नव प्राण भर देता
रुपया मनमानी रोज कमाता
ऊँची इमारत खड़ा कर लेता।
काश अगर इंजीनियर होता
पुल, सड़क हर ओर ही बनता
ओवरब्रिज व बाँध बनाता
सरकारी सोफे पर रहता।
काश अगर वैज्ञानिक होता
नई-नई नित खोज मैं करता
ऐसे-ऐसे कदम उठाता
देश पड़ोसी सोच के डरता।
काश अगर मैं एक जज होता
निष्पक्ष होकर न्याय दिखाता
पर अन्धा कानून है भैया
ऐसे भला मैं क्या कर पाता।
क्या हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई
हूँ बस एक ऐसा इंसान
बढ़ता जिससे देश का मान
जिस पर है सबको अभिमान।
ऐसा ही एक साधक हूँ
हूँ गुरु, खुशियों का बसंत
संचालक सा आराधक हूँ
जिससे आशाएँ हैं अनन्त।
मैं ही पथ प्रदर्शक हूँ
जीवन का एक प्रशिक्षक हूँ
मैं प्रहरी, मैं ही रक्षक हूँ
अरुण, मैं एक शिक्षक हूँ ।
हाँ, मैं एक शिक्षक हूँ ।।
रचनाकार----
अरुण कुमार यादव,
उच्च प्राथमिक विद्यालय बरसठी,,
विकास क्षेत्र-बरसठी,
जनपद-जौनपुर।
Mob--9598444853
बातों से सबका मन भरता
वादों से झोली भरी होती
काम भले कुछ भी न करता।
काश अगर होता अभिनेता
रंग-रंग का अभिनय करता
होता नाम मेरा ही उसमें
चाहें कारनामे कोई भी करता।
काश अगर होता मैं डॉक्टर
जीवन में नव प्राण भर देता
रुपया मनमानी रोज कमाता
ऊँची इमारत खड़ा कर लेता।
काश अगर इंजीनियर होता
पुल, सड़क हर ओर ही बनता
ओवरब्रिज व बाँध बनाता
सरकारी सोफे पर रहता।
काश अगर वैज्ञानिक होता
नई-नई नित खोज मैं करता
ऐसे-ऐसे कदम उठाता
देश पड़ोसी सोच के डरता।
काश अगर मैं एक जज होता
निष्पक्ष होकर न्याय दिखाता
पर अन्धा कानून है भैया
ऐसे भला मैं क्या कर पाता।
क्या हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई
हूँ बस एक ऐसा इंसान
बढ़ता जिससे देश का मान
जिस पर है सबको अभिमान।
ऐसा ही एक साधक हूँ
हूँ गुरु, खुशियों का बसंत
संचालक सा आराधक हूँ
जिससे आशाएँ हैं अनन्त।
मैं ही पथ प्रदर्शक हूँ
जीवन का एक प्रशिक्षक हूँ
मैं प्रहरी, मैं ही रक्षक हूँ
अरुण, मैं एक शिक्षक हूँ ।
हाँ, मैं एक शिक्षक हूँ ।।
रचनाकार----
अरुण कुमार यादव,
उच्च प्राथमिक विद्यालय बरसठी,,
विकास क्षेत्र-बरसठी,
जनपद-जौनपुर।
Mob--9598444853

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