२६४~ विपिन कुमार सिंह प्रा०वि० चौहड़पुरमाफी वि०क्षे०- गजरौला, जनपद -अमरोहा

🏅अनमोल रत्न🏅


मित्रों आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय चौहड़पुर माफी, जनपद- अमरोहा से करा रहे हैं। जो एक सकारात्मक सोच और प्रयास करने वाले शिक्षकों का परिचय स्वयं करा रहा है।
 
कहने को तो हमारे अनेकों शिक्षक साथी यह कहते हैं कि क्या विद्यालय के परिवेश को आकर्षक बनाने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ जाती है? इस प्रश्न का उत्तर हमेशा की तरह हमारा हाँ ही रहता है क्योंकि हमारे शिक्षक साथी शायद यह भूल जाते हैं कि किसी बालक की शिक्षा के लिए चार महत्वपूर्ण कारक होते हैं जिनमें से एक परिवेश भी है। इसलिए परिवेश का मनोवैज्ञानिक प्रभाव उतना ही है जितना कि किसी अन्य कारक का अर्थात सीखने की प्रक्रिया में आकर्षक और अनुशासित परिवेश का प्रभाव 25% होता है। जिन्हें विश्वास न हो वह एक विद्यालय को आकर्षक और अनुशासित बनाकर अनुभव कर सकते हैं। जैसा कि विपिन कुमार सिंह जी ने अपने विद्यालय को आकर्षक और अनुशासित बनाकर हमारे जैसे हजारों शिक्षक साथियों को सीखने-सिखाने का अनुकरणीय अवसर प्रदान किया। इसके लिए विद्यालय परिवार को मिशन शिक्षण संवाद की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ!

आइए देखते हैं, पढ़ते हैं, जानते हैं और समझते हैं आपके द्वारा किए गये कुछ प्रेरक और अनुकरणीय प्रयासों को:

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प्रा०वि०चौहड़पुरमाफी, वि०क्षे०- गजरौला, जनपद-अमरोहा विद्यालय में पदोन्नति उपरान्त वर्ष 2015 में जब मेरा आना हुआ तो उस समय विद्यालय का भौतिक एवं शैक्षिक परिवेश सही नहीं था। छात्र/छात्राओं का विद्यालय में ना आना व उनके अभिभावकों में विद्यालय शिक्षा के प्रति कुछ खास रुचि ना लेना था।

मैंने सर्वप्रथम विद्यालय की शिक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया व उनको समझाया कि छात्रों को विद्यालय में भेजे उसके उपरान्त विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति को बढाने व छात्रों के ठहराव हेतु भौतिक परिवेश को वर्तमान शैक्षिक मापकों के अनुरुप बदलने हेतु स्वयं व ग्राम प्रधान से विद्यालय में निम्न कार्य कराये।

👉1. समस्त विद्यालय में इण्टरलॉकिंग।
👉2. छात्रों के कक्षा कक्षों में उनकी आवश्यकता अनुसार शिक्षण सहायक सामग्री का निर्माण।
👉3. छात्रों को स्वच्छ पीने का पानी व हाथ धुलने हेतु मल्टी हैण्ड वाशिंग की सुविधा।
👉4. छात्र/छात्राओं के लिये अलग शौचालय का निर्माण।
👉5. छात्र/छात्राओं को नवीन टेक्नोलॉजी के आधार पर शिक्षा देने हेतु स्मार्टक्लास की व्यवस्था।
👉6. अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के लिये स्वयं गाँव में जाकर उसकी अनुपस्थिति का कारण ज्ञात करना।
👉7. जब विद्यालय में आये थे तो नामांकन 32 था।
👉8. वर्तमान में विद्यालय में नामांकन 65 हो गया है और उपस्थिति 58 तक रहती है।



साभार:-
विपिन कुमार सिंह
प्रा०वि० चौहड़पुरमाफी
वि०क्षे०- गजरौला, जनपद -अमरोहा

संकलन: पंकज आर्य
मिशन शिक्षण संवाद अमरोहा

नोट: आप अपने मिशन परिवार में शामिल होने, आदर्श विद्यालय का विवरण भेजने तथा सहयोग व सुझाव को अपने जनपद सहयोगियों को अथवा मिशन शिक्षण संवाद के वाट्सअप नम्बर-9458278429 और ई-मेल shikshansamvad@gmail.com पर भेज सकते हैं।

सहयोगी मिशन परिवार
विमल कुमार
18-10-2018

Comments

  1. विपिन जी की सकारात्मक ऊर्जा का परिणाम । बधाई हो ।

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