दोस्ती
दोस्ती के भाव सब भावों पर भारी है,
सागर से गहरी आसमां से ऊँची यारी है।
जीवन में हो छाया जब घनघोर अंधेरा,
दोस्त लिये उम्मीद का आये सबेरा।
हर रिश्ते में दोस्ती महके इत्र सा,
उत्तम पथ प्रदर्शक बने चरित्र का।
विपदा में सदा बने जो हमारे रक्षक ,
कवच ढ़ाल सा बने कष्टों का भक्षक।
ना रंग से ना रूप से, ना वैभव ना जंग से,
दोस्ती एक सम्मान है जुड़ें दिलों के रंध से।
दोस्ती मन को देती सदा सुकून है,
जिन्दगी जीने का दोस्ती जुनून है।
जब हार जाये सारे जहां की दवा करके,
कारगर हुई वहाँ दोस्ती दुआ बनके।
दोस्ती प्रकृति का अनुपम श्रृंगार है,
अनमोल कोहिनूर ईश्वर का उपहार है।
रचयिता
वन्दना यादव " गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक ,
डोभी , जौनपुर।
सागर से गहरी आसमां से ऊँची यारी है।
जीवन में हो छाया जब घनघोर अंधेरा,
दोस्त लिये उम्मीद का आये सबेरा।
हर रिश्ते में दोस्ती महके इत्र सा,
उत्तम पथ प्रदर्शक बने चरित्र का।
विपदा में सदा बने जो हमारे रक्षक ,
कवच ढ़ाल सा बने कष्टों का भक्षक।
ना रंग से ना रूप से, ना वैभव ना जंग से,
दोस्ती एक सम्मान है जुड़ें दिलों के रंध से।
दोस्ती मन को देती सदा सुकून है,
जिन्दगी जीने का दोस्ती जुनून है।
जब हार जाये सारे जहां की दवा करके,
कारगर हुई वहाँ दोस्ती दुआ बनके।
दोस्ती प्रकृति का अनुपम श्रृंगार है,
अनमोल कोहिनूर ईश्वर का उपहार है।
रचयिता
वन्दना यादव " गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक ,
डोभी , जौनपुर।

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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