राष्ट्रीय कवि दिवस

3अगस्त अठरा सौ छियासी
जन्मा कवि महान।

जन्म भूमि चिरगांव, झाँसी
राष्ट्र-कवि सम्मान।

पंचवटी,साकेत,यशोधरा,
जयद्रथ वध, झनकार।

जयभारत, भारत-भारती
द्वापर कृतियाँ विचार।।

निज गौरव निज देश पर
जिसे नहीं अभिमान।

नर नहीं वह पशुवत प्राणी
और है मृतक समान।।

मान ग्रन्थ मैथली भेंटकर
बापू ने मान बढ़ाया।

राष्ट्र-कवि कह गाँधी जी ने
अपने गले लगाया।।

राष्ट्र कवि से आप विभूषित
श्री मैथली शरण गुप्त।

जिनके काव्य-प्रकाश से
जागा भारत सुप्त।।

पद्यम भूषण से सम्मानित
सन उन्नीस सौ चौवन।

देशभक्ति से ओतप्रोत
जिनकी रचनाएँ अनुपम।।

श्री मैथिली शरण गुप्त का
जन्म दिवस है आज।

हर्षित होकर इसे मनाएँ
रचना रच दियो राज।।

रचयिता
राजकुमार शर्मा,
प्रधानाध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय चित्रवार,
विकास खण्ड-मऊ,
जनपद-चित्रकूट।

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