अच्छा बच्चा, सच्चा बच्चा
...... (सरल आह्वान) ......
रोज सबेरे जल्दी उठता
वही समय का मोल समझता
दाँत साफ करता जो रोज
नहीं घेरते जल्दी रोग
भली-भाँति जो रोज नहाता
खिले फूल-सा, सबको भाता
करे प्रार्थना, हो विश्वास
प्रभु रहते हैं उसके साथ
जो करता है डटकर मेहनत
भरती झोली, बरसे बरकत
सारे काम समय पर करता
वही भरोसा अर्जित करता
आदर-मान बड़ों का करता
वो मन्ज़िल पर शीघ्र पहुँचता
दिल में करुणा, दृढ़ ईमान
वो बच्चा सच्चा इंसान
रचनाकार
प्रशान्त अग्रवाल,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय डहिया,
विकास क्षेत्र फतेहगंज पश्चिमी,
ज़िला-बरेली (उ.प्र.)
रोज सबेरे जल्दी उठता
वही समय का मोल समझता
दाँत साफ करता जो रोज
नहीं घेरते जल्दी रोग
भली-भाँति जो रोज नहाता
खिले फूल-सा, सबको भाता
करे प्रार्थना, हो विश्वास
प्रभु रहते हैं उसके साथ
जो करता है डटकर मेहनत
भरती झोली, बरसे बरकत
सारे काम समय पर करता
वही भरोसा अर्जित करता
आदर-मान बड़ों का करता
वो मन्ज़िल पर शीघ्र पहुँचता
दिल में करुणा, दृढ़ ईमान
वो बच्चा सच्चा इंसान
रचनाकार
प्रशान्त अग्रवाल,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय डहिया,
विकास क्षेत्र फतेहगंज पश्चिमी,
ज़िला-बरेली (उ.प्र.)

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