दोस्ती पर क्या लिखूँ

सिमटता ही नही शब्दों में
दोस्ती पर क्या लिखूँ

नदियों सा चंचल लिखूँ
या सागर सा ठहरा लिखूँ
आँखों का तारा लिखूँ
या सारे जग से न्यारा लिखूँ
प्यार से भी प्यारा लिखूँ
या कृष्ण सुदामा लिखूँ
सिमटता ही नही शब्दों में
दोस्ती पर क्या लिखूँ

कलियों सा नाजुक लिखूँ
या फूल सा प्यारा लिखूँ
मुस्कान या ठहाका लिखूँ
या अश्रु की धारा लिखूँ
कर्ण दुर्योधन लिखूँ
या अर्जुन कान्हा लिखूँ
सिमटता ही नही शब्दों में
दोस्ती पर क्या लिखूँ

रचयिता
आनन्द मिश्रा, 
प्राथमिक विद्यालय तिगड़ा, 
विकास खण्ड-फखरपुर,
जनपद-बहराइच।

Comments

Total Pageviews