छोटी सी कहानी

सुनो दोस्तों तुमसे कहती
आज मैं एक कहानी
अभी नहीं है भूली बिसरी
ज्यादा नहीं पुरानी

एक नगर था भोवापुर
जिसका था यह हाल
धन कुबेर के खुले खजाने
फिर भी था बेहाल

 साठ बरस के रामू से जब
 पूछा वोट का हाल
वह बोले यह क्या बला है
 कैसा यह कमाल

 हँस के बोली रश्मि उनसे
काका करो नहीं तमाशा
वोट दिए ना उम्र बीती
 फिर किससे कैसी आशा

बात सुनो तुम ध्यान लगाकर
अभी वोट बनवाओ
जाकर अपने बीएलओ से
 फॉर्म 6 मँगवाओ

काका बोले ससुराली बेटी
का कैसे होगा करना
मैं बोली काका उसका
फॉर्म 7 होगा भरना

बेटे का जो नाम गलत है
उसमें सुधार करना है
किसी तरह का संशोधन हो
तो फॉर्म 8 भरना है

अपना हक ये समझो तुम
जाकर वोट बनवाओ
खुद भी काका बनो जागरूक
और औरों को समझाओ

समझ गए काका साठी
फिर तुम सब तो बच्चे हो
अच्छे दिन की उम्मीद रखो
जब तुम खुद भी सच्चे हो

रचयिता
डा0 रश्मि दुबे,
प्राथमिक विद्यालय उस्मान गढ़ी,
जनपद-गाजियाबाद।

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