स्कूल चलो

स्कूल चलो, स्कूल चलो।
सब बच्चे स्कूल चलो।।

दादा-दादी, पापा- मम्मी
हम सब जाएँगे स्कूल।
छोटू, मुन्ना, मोटू, गुड़िया
हम साथ जाएँगे स्कूल।।
स्कूल चलो.....

ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा
मिड-डे-मील में भोजन पानी।
हफ्ते में मिले फल और दूध
हम न जाएँ इसको भूल।
स्कूल चलो..

पी.टी, योगा, व्यायाम करावें।
समय विभाजन चक्र से विषय पढ़ावें।
प्रतिदिन पेपर हमें पढ़ावें।
देश-विदेश की खबर बतावें।
स्मार्ट क्लास में प्रयोग सिखावें।
इन्हें न जाना भूल
स्कूल चलो....

प्रोजेक्टर से विषय पढ़ाते।
कठिन विषय को सरल बनाते।
खेल-खेल में शिक्षा देते।
नवाचार को प्रयोग में लाते।
स्कूल चलो..
सामान्य ज्ञान का पाठ पढ़ावें।
प्रतिदिन पेपर हमें पढ़ावें।
देश-विदेश की खबर बतावें।
हर महीने प्रतियोगिता करावें।
स्कूल चलो...

क्राफ्ट, रंगोली, मेंहदी प्रतियोगिता
हम सब को लगती रुचिपूर्ण
नवाचार की नयी विधा है
उसको न जाना भूल।
स्कूल चलो--

छह से चौदह नामांकन कराओ।
घर-घर शिक्षा दीप जलाओ।
साक्षरता को गले लगाओ।
नामांकन सबका करवाओ।
     
रचयिता
अशर्फी लाल सिंह,
प्रधानाध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोल गदहिया, 
विकास क्षेत्र व जनपद-चित्रकूट।

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