आओ प्यारे
आओ प्यारे, सब राष्ट्र सितारे,
पाने शिक्षा के पथ उजियारे।
जीवन सुन्दर, सफल बनाने,
सुखी समुन्नत, सुघड़ बनाने।
नई किरण हो, उजली-उजली,
जीवन रुत हो, बदली-बदली।
खुशहाली होगी, द्वार तुम्हारे,
आओ मिलकर, स्कूल हमारे।
हम ज्ञान और विज्ञान सिखाते,
जीवन का सच, हम समझाते।
विकसित पथ की, बात बताते,
हम देश धरा की कथा सुनाते।
यहाँ सुरक्षित अधिकार तुम्हारे,
समरसता के सब भाव हमारे।
तुममें है प्रतिभा अनुपम न्यारी,
सृजन कल्पना अद्भुत प्यारी।
नव सपनों के चित्र, बनाने आओ,
उन सपनों के पंथ, सजाने आओ।
प्यारे न्यारे से हैं स्कूल हमारे,
शिक्षा के अभिनव केन्द्र हमारे।
रचयिता
सतीश चन्द्र "कौशिक"
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अकबापुर,
विकास क्षेत्र-पहला,
जनपद -सीतापुर।
पाने शिक्षा के पथ उजियारे।
जीवन सुन्दर, सफल बनाने,
सुखी समुन्नत, सुघड़ बनाने।
नई किरण हो, उजली-उजली,
जीवन रुत हो, बदली-बदली।
खुशहाली होगी, द्वार तुम्हारे,
आओ मिलकर, स्कूल हमारे।
हम ज्ञान और विज्ञान सिखाते,
जीवन का सच, हम समझाते।
विकसित पथ की, बात बताते,
हम देश धरा की कथा सुनाते।
यहाँ सुरक्षित अधिकार तुम्हारे,
समरसता के सब भाव हमारे।
तुममें है प्रतिभा अनुपम न्यारी,
सृजन कल्पना अद्भुत प्यारी।
नव सपनों के चित्र, बनाने आओ,
उन सपनों के पंथ, सजाने आओ।
प्यारे न्यारे से हैं स्कूल हमारे,
शिक्षा के अभिनव केन्द्र हमारे।
रचयिता
सतीश चन्द्र "कौशिक"
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अकबापुर,
विकास क्षेत्र-पहला,
जनपद -सीतापुर।

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