नये सत्र का पत्र

सभी शिक्षक साथियों को ग्रीष्मावकाश के पश्चात आज पुनः विद्यालय पूर्ण रूप से खुलने हेतु बधाई एवं शैक्षिक सत्र 2019-2020 के लिये शुभकामनाएँ।

नवीन सत्र भले ही अप्रैल से आरम्भ हो जाता है पर पठन पाठन सुचारू रूप से माह जुलाई से ही आरम्भ हो पाता है। हम सबके विद्यालय के बच्चे अत्यंत गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे होते हैं जिन्हें पूर्णतः शैक्षिक वातावरण प्रदान करना उनके अंदर पढ़ने लिखने की ललक जगाना हमारा परम् कर्तव्य है। 

हम लोगों में जब भी कोई अभिभावक से सम्पर्क के लिये निकलता है तो वास्तविक वस्तु स्थिति से अवगत हो पाते हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी बच्चों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं होती घरों पर उनको इन कठिनाइयों से लड़ने में हमें सहायता करनी होगी क्योंकि शास्त्रों में भी गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर बताया गया है। 

हमारा दायित्व सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराना ही नहीं होना चाहिए अपितु एक ऐसे नए युवा पीढ़ी की नींव डालना भी है जो परिवार को, समाज को तथा अपने देश को कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए भी एक सुनहरा कल प्रदान कर सके। यह बच्चे हम सबके सुनहरे भविष्य के बीज हैं अतः इन्हें अच्छी तरह रोपित कर इनके वृद्धि एवं विकास पर समुचित ध्यान देना होगा।
वैसे भी यह सत्र डॉ0 कलाम के 2020 के विज़न वाला सत्र है अतः इस खास सत्र को हम सभी को अपने नन्हें मुन्ने बच्चों के लिये खास बनाना होगा।

आइए हम सब प्रण करें कि बच्चों को सिर्फ पढ़ाना ही नही उनका सर्वांगीण विकास करेंगे। इन बच्चों के सुनहरे कल का निर्माण करना हमारा परम् कर्तव्य है और हम इसे अवश्य निभाएँगे।

लेखिका
ज्योति कुमारी,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोइलरा, 
विकास क्षेत्र-औराई,
जनपद-भदोही।

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