शुरू पढ़ाई
जून गया है, आई जुलाई।
स्कूल खुला है शुरू पढ़ाई।
साथ किताबें, भरा है बस्ता,
भरा खुशी से बच्चा-बच्चा।
आज लगा है कितना अच्छा,
सजी सजाई सबकी कक्षा।
रोली के संग है मीरा आई,
नीलम गुड़िया सुन्दर लाई।
जून गया है- - -
कॉपी लाकर हमें दिखाते,
काम किया जो हमें बताते।
कौन कहाँ से घूम के आया?
सबने अपना हाल सुनाया।
चिड़िया पानी पीने आई,
बिखराए दाने चुगने आई।
जून गया है- - -
छाया देखकर खेले हम थे,
गए एक दिन मेले हम थे।
घूम घाम कर खुशी मनाया,
खेल-खिलौने लेकर आया।
अपनी-अपनी कथा सुनाई,
अनुभव नूतन दिया दिखाई।
जून गया है- -
सूरज, शेखर व रोहित राजू,
मुन्ना, मोती, अहमद, श्यामू।
रचना, रेखा, राशी, रानी।
सबकी सुन्दर नई कहानी।
नन्हीं गुड़िया पढ़ने आई,
मुझसे कुछ वह कहने आई।
जून गया है- -
हम सबने सहकार बढ़ाया,
कहाँ गए हम, उन्हें बताया।
प्यारे-प्यारे दृश्य दिखाए,
दूर श्रवण के चित्र दिखाए।
मंदिर पर्वत, जन रीति बताई,
भारत माँ की तस्वीर दिखाई।
जून गया है- - -
सबके घर पर जा समझाया,
शिक्षा का हर लाभ बताया।
घर पर कोई भी रहे न बच्चा,
स्कूल को जाए सबसे अच्छा।
जीवन खिलता करो पढ़ाई,
प्रथम दिवस की यही पढ़ाई।
जून गया है- - -
रचयिता
सतीश चन्द्र "कौशिक"
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अकबापुर,
विकास क्षेत्र-पहला,
जनपद -सीतापुर।
स्कूल खुला है शुरू पढ़ाई।
साथ किताबें, भरा है बस्ता,
भरा खुशी से बच्चा-बच्चा।
आज लगा है कितना अच्छा,
सजी सजाई सबकी कक्षा।
रोली के संग है मीरा आई,
नीलम गुड़िया सुन्दर लाई।
जून गया है- - -
कॉपी लाकर हमें दिखाते,
काम किया जो हमें बताते।
कौन कहाँ से घूम के आया?
सबने अपना हाल सुनाया।
चिड़िया पानी पीने आई,
बिखराए दाने चुगने आई।
जून गया है- - -
छाया देखकर खेले हम थे,
गए एक दिन मेले हम थे।
घूम घाम कर खुशी मनाया,
खेल-खिलौने लेकर आया।
अपनी-अपनी कथा सुनाई,
अनुभव नूतन दिया दिखाई।
जून गया है- -
सूरज, शेखर व रोहित राजू,
मुन्ना, मोती, अहमद, श्यामू।
रचना, रेखा, राशी, रानी।
सबकी सुन्दर नई कहानी।
नन्हीं गुड़िया पढ़ने आई,
मुझसे कुछ वह कहने आई।
जून गया है- -
हम सबने सहकार बढ़ाया,
कहाँ गए हम, उन्हें बताया।
प्यारे-प्यारे दृश्य दिखाए,
दूर श्रवण के चित्र दिखाए।
मंदिर पर्वत, जन रीति बताई,
भारत माँ की तस्वीर दिखाई।
जून गया है- - -
सबके घर पर जा समझाया,
शिक्षा का हर लाभ बताया।
घर पर कोई भी रहे न बच्चा,
स्कूल को जाए सबसे अच्छा।
जीवन खिलता करो पढ़ाई,
प्रथम दिवस की यही पढ़ाई।
जून गया है- - -
रचयिता
सतीश चन्द्र "कौशिक"
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अकबापुर,
विकास क्षेत्र-पहला,
जनपद -सीतापुर।

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