विश्व शाकाहारी दिवस

कंद-मूल फल को तुम खाना,

शुद्ध सात्विक जीवन बिताना।

 पशु हिंसा से दूर रहें सब,

शाकाहारी बन कर खिलाना।।


राम, कृष्ण या हो त्रिपुरारी, 

शाकाहारी क्षत्रिय सब पर है भारी।

पशु हत्या पर, अब रोक लगाओ,

बेबस पशुओं पर, ना चले कटारी।।


जुबान के स्वाद के खातिर,

ना किसी पशु को तुम मारो।

शाकाहार के हैं अनगिनत फायदे,

फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट से स्वास्थ्य सँवारो।।


कैंसर, शुगर या हो दिल की बीमारी,

ताजे फल सब्जियाँ खतरा कम करते।

प्राकृतिक तरीके से पोषक तत्व देते,

मन-विचार में सात्विक प्रेरणा भरते।। 


1978 में अन्तर्राष्ट्रीय शाकाहारी मंच द्वारा,

 विश्व शाकाहारी जागरूकता दिवस मनाया गया।

'जीवन के प्रति श्रद्धा' शाकाहार माह के रूप में 

1 अक्टूबर को उत्तरी अमेरिका द्वारा अपनाया गया।।


रचयिता

वन्दना यादव "गज़ल"
सहायक अध्यापक,

अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,

विकास खण्ड-डोभी, 
जनपद-जौनपुर।

Comments

Total Pageviews