मेरा भारत महान
वाद-विवाद से दूर खड़ा है,
मेरा हिन्दुस्तान बड़ा है,
जग में जिसकी साख बड़ी है,
भारत माता सोनचिड़ी है,
प्राणिमात्र से जिसको प्यार,
वह अलबेला देश हमार,
विश्व शांति की करे पहल,
भारत सबमें है अव्वल,
मानवता का उद्घोषक है,
दुनिया का संकट मोचक है,
सत्य धर्म पर अड़ा खड़ा है,
मेरा हिन्दुस्तान बड़ा है,
एक नाम, कई सम्बोधन,
हिन्द, आर्यावर्त, इंडिया,
भारतमाता भारतवर्ष
जो भाया, सो नाम दे दिया,
सभ्यता केंद्र सा गड़ा खड़ा है,
मेरा हिन्दुस्तान बड़ा है।
Poet
Ramnarayan Ranaday,
EMPS Baglai Chitrakoot,
District-Chitrakoot.
मेरा हिन्दुस्तान बड़ा है,
जग में जिसकी साख बड़ी है,
भारत माता सोनचिड़ी है,
प्राणिमात्र से जिसको प्यार,
वह अलबेला देश हमार,
विश्व शांति की करे पहल,
भारत सबमें है अव्वल,
मानवता का उद्घोषक है,
दुनिया का संकट मोचक है,
सत्य धर्म पर अड़ा खड़ा है,
मेरा हिन्दुस्तान बड़ा है,
एक नाम, कई सम्बोधन,
हिन्द, आर्यावर्त, इंडिया,
भारतमाता भारतवर्ष
जो भाया, सो नाम दे दिया,
सभ्यता केंद्र सा गड़ा खड़ा है,
मेरा हिन्दुस्तान बड़ा है।
Poet
Ramnarayan Ranaday,
EMPS Baglai Chitrakoot,
District-Chitrakoot.

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