हमसे है जहां

सूरज से है आसमां
हमसे है जहां
लिखेंगे हम दास्तां
छोड़ेंगे हम  निशां
कह रहा है धरती आसमां
हमसे है जहां।
 जिस पीड़ा से गुजरती है माँ
 उससे मुश्किल नहीं कोई कारवां
हिम्मतों  ने ही आजाद करवाया हिंदुस्तां
बेसिक से ही है डिग्रियाँ
दूर करके कमजोरियाँ
बेसिक में लाएँगे मजबूतियाँ
बेसिक की रंगीनियाँ
दूर कर देंगी चिंगारियाँ
संवर जायेंगी जिंदगियाँ
सबसे प्यारा हिंदुस्तां
जय जय भारत माँ
 जय जय भारत माँ
 हमसे है जहां
 हमसे है जहां।।

रचयिता
अर्चना गुप्ता,
प्रभारी अध्यापिका, 
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिजौरा,
विकास खण्ड-बंगरा,
जिला-झाँसी।

Comments

Total Pageviews