यूँ ही बढ़ते जाओ
30-03-2019 को मेरे विद्यालय में कक्षा 5 के बच्चों की भावभीनी विदाई और पुरस्कार वितरण किया गया।
तो उन भावुक क्षणों में कुछ भावुक पंक्तियाँ मेरे द्वारा-
बच्चों जाते हो चले जाओ
जग में यूँ ही बढ़ते जाओ।
जग में मिले मान कुछ कर जाओ
बस खुश रहना तुम जहाँ जाओ।
रोता है दिल सब गुरुओं का
बीता दिन यहाँ पर पढ़ने का।
सीखो ये सबक तुम बढ़ने का
कामयाबी की सीढ़ी चढ़नेे का।
पापा के नाम को रोशन करना
जी भरके तुम लिखना पढ़ना।
तुम प्रगति के पथ से नहीं हटना
आगे-आगे ही बढ़ते रहना।
पढ़ लिखकर आगे बढ़ जाओ
कुछ लीक से हटकर कर जाओ।
एक बात अंत में कहता हूँ।
तुम फूलो फलो आगे ही बढ़ो
बस इतनी दुआ मैं करता हूँ।
बच्चों जाते हो चले जाओ
जग में यूँ ही बढ़ते जाओ।
रचयिता
अशोक कुमार,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय रामपुर कल्याणगढ़
विकास खण्ड-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।
तो उन भावुक क्षणों में कुछ भावुक पंक्तियाँ मेरे द्वारा-
बच्चों जाते हो चले जाओ
जग में यूँ ही बढ़ते जाओ।
जग में मिले मान कुछ कर जाओ
बस खुश रहना तुम जहाँ जाओ।
रोता है दिल सब गुरुओं का
बीता दिन यहाँ पर पढ़ने का।
सीखो ये सबक तुम बढ़ने का
कामयाबी की सीढ़ी चढ़नेे का।
पापा के नाम को रोशन करना
जी भरके तुम लिखना पढ़ना।
तुम प्रगति के पथ से नहीं हटना
आगे-आगे ही बढ़ते रहना।
पढ़ लिखकर आगे बढ़ जाओ
कुछ लीक से हटकर कर जाओ।
एक बात अंत में कहता हूँ।
तुम फूलो फलो आगे ही बढ़ो
बस इतनी दुआ मैं करता हूँ।
बच्चों जाते हो चले जाओ
जग में यूँ ही बढ़ते जाओ।
रचयिता
अशोक कुमार,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय रामपुर कल्याणगढ़
विकास खण्ड-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।

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