पेड़ लगाएँ, साँसें बचाएँ
सुखमय हो सारा संसार
समृद्ध सृष्टि हो मिटे विकार
जीवन हो मीठे रस का प्याला
फैले हर घर में उजियारा।
सुंदर सुमधुर पवन बहे
निर्मल पावन सुमन खिले
निर्झर-निर्झर झरने फूटें
पावन हो नदिया जलधार
सुख शांति हर पल छायी रहे।
बगिया जीवन की मुस्काई रहे।।
हर जीवन हो स्वस्थ सुखी।
हरियाली में है सारी खुशी।।
आओ मिल कर संसार सजाएँ।
पृथ्वी को हम स्वर्ग बनाएँ।।
हरा-भरा हो जीवन सबका।
मिटे रोग और आँगन महका।
यह धरती अपनी माता है।
इसकी रक्षा फ़र्ज़ हमारा है।।
धरती को जो दुखी करेंगे।
सुख अपना भी दूर करेंगे।।
मिल कर आज प्रण ये उठाएँ
पर्यावरण को ना हानि पहुँचाएँ।।
वृक्ष लगाएँ जीवन बचाएँ।
जीवन अपना स्वस्थ बनाएँ।।
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।
समृद्ध सृष्टि हो मिटे विकार
जीवन हो मीठे रस का प्याला
फैले हर घर में उजियारा।
सुंदर सुमधुर पवन बहे
निर्मल पावन सुमन खिले
निर्झर-निर्झर झरने फूटें
पावन हो नदिया जलधार
सुख शांति हर पल छायी रहे।
बगिया जीवन की मुस्काई रहे।।
हर जीवन हो स्वस्थ सुखी।
हरियाली में है सारी खुशी।।
आओ मिल कर संसार सजाएँ।
पृथ्वी को हम स्वर्ग बनाएँ।।
हरा-भरा हो जीवन सबका।
मिटे रोग और आँगन महका।
यह धरती अपनी माता है।
इसकी रक्षा फ़र्ज़ हमारा है।।
धरती को जो दुखी करेंगे।
सुख अपना भी दूर करेंगे।।
मिल कर आज प्रण ये उठाएँ
पर्यावरण को ना हानि पहुँचाएँ।।
वृक्ष लगाएँ जीवन बचाएँ।
जीवन अपना स्वस्थ बनाएँ।।
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।

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