अपना फर्ज निभाओ तुम
उठो साथियों, चलो साथियों।
ध्यान से मेरी बात सुनो।।
महापर्व मतदान का आया।
अपना फर्ज निभाओ तुम।।
मतदान तुम्हारा अधिकार है।
अपने मन की बात सुनो,
अपने मत का प्रयोग करो तुम
नासमझी न इस बार करो तुम।
बूँद-बूँद से ज्यों घड़ा है भरता,
इक-इक मत बहुमूल्य है होता,
अपने मत की कीमत जानो
सही दिशा और राह चुनो तुम।
मत का अपने दान करो तुम,
अपना कर्तव्य निभाओ तुम,
लोकतंत्र की रक्षा की खातिर
अब तो कदम बढ़ाओ तुम।
सही वक्त है सही चुनो तुम
बहकावे में ना आना तुम
इतने बड़े लोकतंत्र में अब तो
अपनी भागीदारी निभाओ तुम।
अपने देश के हित की खातिर
अपना फर्ज निभाओ तुम
समय से पहुँचोमतदान केंद्र पर
ईवीएम बटन दबाओ तुम।।
दुकान को छोड़ो, बाजार को छोड़ो,
पहली जिम्मेदारी उठाओ तुम
कामकाज सब छोड़-छाड़ कर
पहले मतदान कर आओ तुम।।
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।
ध्यान से मेरी बात सुनो।।
महापर्व मतदान का आया।
अपना फर्ज निभाओ तुम।।
मतदान तुम्हारा अधिकार है।
अपने मन की बात सुनो,
अपने मत का प्रयोग करो तुम
नासमझी न इस बार करो तुम।
बूँद-बूँद से ज्यों घड़ा है भरता,
इक-इक मत बहुमूल्य है होता,
अपने मत की कीमत जानो
सही दिशा और राह चुनो तुम।
मत का अपने दान करो तुम,
अपना कर्तव्य निभाओ तुम,
लोकतंत्र की रक्षा की खातिर
अब तो कदम बढ़ाओ तुम।
सही वक्त है सही चुनो तुम
बहकावे में ना आना तुम
इतने बड़े लोकतंत्र में अब तो
अपनी भागीदारी निभाओ तुम।
अपने देश के हित की खातिर
अपना फर्ज निभाओ तुम
समय से पहुँचोमतदान केंद्र पर
ईवीएम बटन दबाओ तुम।।
दुकान को छोड़ो, बाजार को छोड़ो,
पहली जिम्मेदारी उठाओ तुम
कामकाज सब छोड़-छाड़ कर
पहले मतदान कर आओ तुम।।
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।

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