नूतन वर्षाभिनन्दन

आगमन नवल संवत्सर का,
 हृदयों में बिखेरे प्रसन्नता।
हर्षित हों सभी, बनें अनुरागी
संसार में फैले समरसता।
मंगलमय हो यह पावन-वेला
नवरात्रि और नववर्ष की।
माँ शक्ति की आराधना की
नये उत्कर्षों, नये हर्ष की।
सच हो जाएँ सारे सपनें
और श्रेष्ठ जनों का साथ मिले।
ना रहे कलुषता जीवन में
नव आशाओं के दीप जलें।
सब बनें सबल, सब रहें सुखी
फसलों से सज जाए वसुधा।
हर्षित हों सभी, बनें अनुरागी
संसार में फैले समरसता।

रचयिता
डॉ0 श्वेता सिंह गौर
सहायक शिक्षिका 
कन्या जूनियर हाई स्कूल बावन,
हरदोई।

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