बेसिक अपना बदल रहा है
कहने को सब कहते रहते,
बस ऐसे ही चल रहा है,
पर धीरे-धीरे हौले-हौले,
बेसिक अपना बदल रहा है।
रिजल्ट हमारे नौनिहालों के,
हाथो में अब भाते हैं,
देख मांटेसरी के बच्चों को,
कम ना आंके जाते हैं।
जन्मदिन और विदाई पार्टी,
विद्यालय में अब सजती है,
समय-समय पर महापुरुषों की,
जन्म-जयन्ती मनती है।
विद्यालयों के रंग-रूप भी,
देखो कितने बदल गए,
शिक्षण में नये प्रयोगों से,
बच्चे-शिक्षक संवर गए।
गुणवत्ता सुधारने शिक्षा की,
कमर है अब कस ली सबने,
देगा सिस्टम भी पूरा साथ,
यही अभिलाषा है मन में।।
रचयिता
राजीव कुमार गुर्जर,
प्रधानध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर राजपूत,
विकास खण्ड-कुन्दरकी
जनपद-मुरादाबाद।
बस ऐसे ही चल रहा है,
पर धीरे-धीरे हौले-हौले,
बेसिक अपना बदल रहा है।
रिजल्ट हमारे नौनिहालों के,
हाथो में अब भाते हैं,
देख मांटेसरी के बच्चों को,
कम ना आंके जाते हैं।
जन्मदिन और विदाई पार्टी,
विद्यालय में अब सजती है,
समय-समय पर महापुरुषों की,
जन्म-जयन्ती मनती है।
विद्यालयों के रंग-रूप भी,
देखो कितने बदल गए,
शिक्षण में नये प्रयोगों से,
बच्चे-शिक्षक संवर गए।
गुणवत्ता सुधारने शिक्षा की,
कमर है अब कस ली सबने,
देगा सिस्टम भी पूरा साथ,
यही अभिलाषा है मन में।।
रचयिता
राजीव कुमार गुर्जर,
प्रधानध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर राजपूत,
विकास खण्ड-कुन्दरकी
जनपद-मुरादाबाद।

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