शिक्षक दिवस

शिक्षक  ऐसा,

जो रोशनी  बन जाये,

बालमन की,

दिशा  बन जाये। 


शिक्षक ऐसा,

जो पथ-पग बन जाये,

जीवन  की,

डोर  सध जाये। 


शिक्षक ऐसा,

जो  ज्योति बिन्दु बन जाये।

शिक्षा की,

अलख जगा जाये। 


शिक्षक ऐसा,

जो सृजन कर जाये,

डालकर नींव शिक्षा की,

खुशहाल धरा बना जाये। 


शिक्षक ऐसा,

जो मतभेद  मिटा जाये,

हो खुशबू प्रेम की,

मन-मन में  प्रेम  समा जाये। 


हे प्रभु दो वरदान ऐसा,

जन-जन शिक्षित हो जाये,

हो कृपा आपकी,

शिक्षक दिवस का मान रह जाये।।


रचयिता
अर्चना गुप्ता,
प्रभारी अध्यापिका, 
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिजौरा,
विकास खण्ड-बंगरा,
जिला-झाँसी।


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