विषय- संस्कृत, प्रकरण- व्याकरण (कारक) शीट क्रमांक -30/2025 का हल, दैनिक संस्कृत शिक्षण
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क्रमांक - 30/2025 का हल
#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण (अभ्यास कार्य)
दिनांक- 16/09/2025
दिन- मंगलवार
प्रकरण- #व्याकरण (कारक)
अभ्यास कार्य
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कारकों का सामान्य परिचय-
'क्रियान्वयित्वं कारकत्वम्' अर्थात् क्रिया से जिस संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों का सीधा सम्बन्ध होता है, उसे कारक कहते हैं। जिन शब्दों का क्रिया से सीधा सम्बन्ध नहीं होता, वह कारक नहीं कहलाते हैं।
इस परिभाषा के अनुसार सम्बन्ध एवं सम्बोधन को कारक नहीं माना जाता, क्योंकि इन दोनों का क्रिया से सीधा सम्बन्ध नहीं है। इन दोनों को विभक्ति के रूप में पढ़ा जाता है, कारक के रूप में नहीं।
इस प्रकार कारक छः है और विभक्तियाँ सात हैं। सम्बोधन को प्रथमा विभक्ति में मान लिया जाता है।
कर्ता कर्म च करणं च
सम्प्रदानं तथैव च।
अपादानाधि करने,
इत्याहु कारणानि षट्।।
*अभ्यास प्रश्न- हल*
प्रश्न 1- कारक किसे कहते हैं?
उत्तर- जिन संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों का क्रिया से सीधा सम्बन्ध होता है उसे कारक कहते हैं।
प्रश्न 2- कारक कितने होते हैं?
उत्तर- संस्कृत में छः कारक हैं। सम्बोधन को प्रथमा विभक्ति में ही मान लिया जाता है।
प्रश्न 3- विभक्तियाँ कितनी हैं ?
उत्तर- विभक्तियाँ सात हैं।
प्रथमा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी और सप्तमी विभक्ति।
तकनीकी सहयोगी एवं प्रमुख सहयोगी- #माया_त्रिपाठी #भदोही
एवं
#जुगल_किशोर_त्रिपाठी #झाॅंसी
संकलन:- #टीम_मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण
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