विषय- संस्कृत, प्रकरण- व्याकरण (वचन) शीट क्रमांक -30/2025, दैनिक संस्कृत शिक्षण


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क्रमांक - 30/2025 

#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण (अभ्यास कार्य)

दिनांक- 15/09/2025 

दिन- सोमवार 

प्रकरण- #व्याकरण (लिङ्ग)

 अभ्यास कार्य 

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कारकों का सामान्य परिचय-

'क्रियान्वयित्वं कारकत्वम्' अर्थात् क्रिया से जिस संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों का सीधा सम्बन्ध होता है, उसे कारक कहते हैं। जिन शब्दों का क्रिया से सीधा सम्बन्ध नहीं होता, वह कारक नहीं कहलाते हैं। 

इस परिभाषा के अनुसार सम्बन्ध एवं सम्बोधन को कारक नहीं माना जाता, क्योंकि इन दोनों का क्रिया से सीधा सम्बन्ध नहीं है। इन दोनों को विभक्ति के रूप में पढ़ा जाता है, कारक के रूप में नहीं।

इस प्रकार कारक छः है और विभक्तियाँ सात हैं। सम्बोधन को प्रथमा विभक्ति में मान लिया जाता है।

कर्ता कर्म च करणं च 

सम्प्रदानं तथैव च।

अपादानाधिकरणे

इत्याहुः कारणानि षट्।।


अभ्यास प्रश्न- 

1- कारक किसे कहते हैं?

2- कारक कितने होते हैं?

3- विभक्तियाँ कितनी हैं ?


तकनीकी सहयोगी एवं प्रमुख सहयोगी- #माया_त्रिपाठी #भदोही

एवं

#जुगल_किशोर_त्रिपाठी #झाॅंसी 


संकलन:- #टीम_मिशन_शिक्षण_संवाद

#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण


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