विषय- संस्कृत, प्रकरण- व्याकरण (कारक) शीट क्रमांक -31/2025, दैनिक संस्कृत शिक्षण


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क्रमांक - 31/2025

#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण (अभ्यास कार्य)

दिनांक- 18/09/2025 

दिन- गुरुवार 

प्रकरण- #व्याकरण (कारक)

 अभ्यास कार्य 

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बच्चों! कल हमने कारक के बारे में जाना।आज हम कारक और कारक के चिन्ह क्या होते हैं,  उनका प्रयोग किस प्रकार होता है, यह जानेंगे। 

कर्ता- क्रिया को स्वतन्त्र रूप से करने वाले को कर्ता कहते हैं, जैसे- 

 मोहनः पुस्तकं पठति।

(मोहन पुस्तक पढ़ता है)

यहाँ 'पढ़ने' का कार्य 'मोहन' कर रहा है, इसलिए मोहन में 'कर्ता' कारक है।


कर्म- कर्ता के कार्य का फल या प्रभाव जिस पर सबसे ज्यादा पड़े वह कर्म कारक कहलाता है,

जैसे- मोहनः पुस्तकं पठति।

मोहन की कार्य सिद्धि (पढना) 'पुस्तक' से हो रही है, इसलिए पुस्तक में 'कर्म' कारक है।


अभ्यास प्रश्न- हल

प्रश्न 1- कर्ता और कर्म कारक का चिह्न बताओ। 

उत्तर -  कारक   चिह्न

           कर्ता -                  ने

           कर्म -                   को


प्रश्न 2- के लिए और सम्बन्ध  किस कारक का चिन्ह है? 

उत्तर- के लिए - सम्प्रदान कारक -  चतुर्थी विभक्ति ।


सम्बन्ध- का, की, के - सम्बन्ध - षष्ठी विभक्ति।


प्रश्न 3- कर्ता कारक की परिभाषा उदाहरण सहित बताओ।

उत्तर- क्रिया को स्वतन्त्र रूप से करने वाले को कर्ता कहते हैं, जैसे- 

रमा पाठं पठति।

सुरेशः गीतं गायति।


तकनीकी सहयोगी एवं प्रमुख सहयोगी- #माया_त्रिपाठी #भदोही

एवं

#जुगल_किशोर_त्रिपाठी #झाॅंसी 


संकलन:- #टीम_मिशन_शिक्षण_संवाद

#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण


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