विषय- संस्कृत, प्रकरण- व्याकरण (कारक) शीट क्रमांक -31/2025, दैनिक संस्कृत शिक्षण
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क्रमांक - 31/2025
#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण (अभ्यास कार्य)
दिनांक- 18/09/2025
दिन- गुरुवार
प्रकरण- #व्याकरण (कारक)
अभ्यास कार्य
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https://www.facebook.com/share/p/1K3ua1j6XJ/बच्चों! कल हमने कारक के बारे में जाना।आज हम कारक और कारक के चिन्ह क्या होते हैं, उनका प्रयोग किस प्रकार होता है, यह जानेंगे।
कर्ता- क्रिया को स्वतन्त्र रूप से करने वाले को कर्ता कहते हैं, जैसे-
मोहनः पुस्तकं पठति।
(मोहन पुस्तक पढ़ता है)
यहाँ 'पढ़ने' का कार्य 'मोहन' कर रहा है, इसलिए मोहन में 'कर्ता' कारक है।
कर्म- कर्ता के कार्य का फल या प्रभाव जिस पर सबसे ज्यादा पड़े वह कर्म कारक कहलाता है,
जैसे- मोहनः पुस्तकं पठति।
मोहन की कार्य सिद्धि (पढना) 'पुस्तक' से हो रही है, इसलिए पुस्तक में 'कर्म' कारक है।
अभ्यास प्रश्न- हल
प्रश्न 1- कर्ता और कर्म कारक का चिह्न बताओ।
उत्तर - कारक चिह्न
कर्ता - ने
कर्म - को
प्रश्न 2- के लिए और सम्बन्ध किस कारक का चिन्ह है?
उत्तर- के लिए - सम्प्रदान कारक - चतुर्थी विभक्ति ।
सम्बन्ध- का, की, के - सम्बन्ध - षष्ठी विभक्ति।
प्रश्न 3- कर्ता कारक की परिभाषा उदाहरण सहित बताओ।
उत्तर- क्रिया को स्वतन्त्र रूप से करने वाले को कर्ता कहते हैं, जैसे-
रमा पाठं पठति।
सुरेशः गीतं गायति।
तकनीकी सहयोगी एवं प्रमुख सहयोगी- #माया_त्रिपाठी #भदोही
एवं
#जुगल_किशोर_त्रिपाठी #झाॅंसी
संकलन:- #टीम_मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण
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