152/2025, बाल कहानी- 18 सितम्बर


बाल कहानी - कंजूस सेठ और होनहार पुत्र
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सेठ गोविन्द दास के चार पुत्र थे। उन चारों में तीसरा बेटा मोहित पढ़ाई में सबसे ज्यादा होशियार था। वह कक्षा में हमेशा प्रथम आता। उसकी लिखावट बहुत सुन्दर थी। मोहित का सपना था कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा। इण्टर की परीक्षा के बाद जब मोहित को मेडिकल की तैयारी के लिए जाना था तो कंजूस सेठ ने पैसे देने से साफ मना कर दिया। उसने अपने बेटे मोहित से स्पष्ट कह दिया कि, "अब मैं आगे की पढाई के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करुँगा।"
मोहित बहुत परेशान हो गया। अपने पिता जी को मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन सेठ बिल्कुल भी नहीं पसीजा। उसने अपना फैसला सुना दिया, "पढ़ना है तो पहले कमाओ, उसके बाद पढ़ लेना।" 
मोहित अपने पिता की जिद के आगे हारकर पैसा कमाने चल दिया। उसने प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाना आरम्भ कर दिया। फिर शाम को घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता। धीरे-धीरे बच्चों की संख्या ट्यूशन पर बढ़ने लगी। अब मोहित बहुत व्यस्त हो गया था। उसके पास अपनी पढ़ाई के लिए समय नहीं बच पा रहा था। बच्चों को पढ़ाना उसे अब अच्छा लगने लगा। उसके पढ़ाये हुए बच्चों का चयन मेडिकल और इन्जीनियरिंग में होने लगा।
कुछ समय पश्चात अचानक कंजूस सेठ की तबियत खराब हो गई। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी जाँच में डॉक्टर ने बीस हजार रूपए का खर्च बताया। खर्च की बात सुनते ही सेठ गोविन्ददास बिस्तर से उठ खड़ा हुआ। मोहन से बोला, "अरे! इतने रुपए! मुझे जाँच नहीं करानी...मुझे घर ले चलो।" इतने में डॉक्टर वहाँ आता है। मोहित को देखते ही डॉक्टर बोल पड़ा, "सर आप...यहाँ कैसे?" 
डॉक्टर मोहित का विद्यार्थी था। उसने झट मोहित को पहचान लिया। मोहित ने उसको अपने पिता जी के बारे में सारी बात बतायी। सारा हाल जानने के बाद डॉक्टर ने सारी जाँच और इलाज मुफ्त कर दिया।
मोहित ने जो सपना अपने लिए देखा था वो अपने विद्यार्थी में देख कर बहुत खुश हुआ। उसे लगा कि आज उसका सपना साकार हो गया। सेठ को भी अपनी कंजूसी पर बहुत पछतावा हुआ। उसको एहसास हुआ कि अगर उसने अपने बेटे की पढाई पर पैसे खर्च किया होता तो वो भी आज डॉक्टर बन जाता।

#संस्कार_सन्देश- 
अगर बच्चों में पढ़ने और आगे बढ़ने का जज़्बा है तो उनको अवश्य पढ़ाना चाहिए।

कहानीकार-
#रुखसार_परवीन (स०अ०)
संविलयन विद्यालय गजपतिपुर
बहराइच (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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