विश्व रक्तदान दिवस

रक्तदान से बड़ा ना होता कोई दान,
इसको करके तुम बन जाओगे चिर महान।

जात-पात ये ऊँच-नीच,
इंसा को इंसान न बनने देती,
रक्त की कोई जात ना होती,
यही है जो मरते को नव जीवन देती।

यूँ तो दुनिया में बहुत हैं रिश्ते,
पर किसी रिश्ते का सम्मान नहीं,
रक्तदान से जुड़ते नए रिश्ते,
इससे बड़ा कोई सम्मान नहीं।

स्वार्थ भावना का तुम त्याग करो,
मन में अपनी सोच बलवान करो,
जीवन में एक बार रक्त का दान करो,
इसको करके समाज में मिसाल कायम करो।

रचयिता
साधना,
प्रधानाध्यापक
कंपोजिट स्कूल ढोढ़ियाही,
विकास खण्ड-तेलियानी,
जनपद-फतेहपुर।

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