विश्व रक्तदान दिवस
मरते हुए के चेहरे पर, लाना हो जो मुस्कान,
इंसानियत का राह चुनो, करो तुम रक्तदान।
जात - पात और ऊँच -नीच से परे,
जीवन देता है किसी को अनजान।
पुण्य के व्यर्थ आडंबरों से बचो तुम,
रक्तदाता बनकर हो भगवान समान।
किसी की रगों में बसों तुम जिंदा,
समाज के लिए यह बड़ा योगदान।
क्रोध में जलता रक्त करता है नाश,
जाति-धर्म से परे रक्त की पहचान।
छोटी-छोटी कोशिश से, काम हों बड़े,
आओ रक्तदान कर, पाएँ पुण्य महान।
14 जून 2018 से विश्व मनाये,
दिवस यह विशेष, हेतु रक्तदान।
सुरक्षित रक्तदान जागरूकता लाना,
अबाध रक्त आपूर्ति को है अभियान।
लाखों की जान बचाता, देता है उम्मीद,
मुरझाए चेहरे पर, मुस्कुराहट की शान।
रचयिता
वन्दना यादव "गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,
डोभी, जौनपुर।
इंसानियत का राह चुनो, करो तुम रक्तदान।
जात - पात और ऊँच -नीच से परे,
जीवन देता है किसी को अनजान।
पुण्य के व्यर्थ आडंबरों से बचो तुम,
रक्तदाता बनकर हो भगवान समान।
किसी की रगों में बसों तुम जिंदा,
समाज के लिए यह बड़ा योगदान।
क्रोध में जलता रक्त करता है नाश,
जाति-धर्म से परे रक्त की पहचान।
छोटी-छोटी कोशिश से, काम हों बड़े,
आओ रक्तदान कर, पाएँ पुण्य महान।
14 जून 2018 से विश्व मनाये,
दिवस यह विशेष, हेतु रक्तदान।
सुरक्षित रक्तदान जागरूकता लाना,
अबाध रक्त आपूर्ति को है अभियान।
लाखों की जान बचाता, देता है उम्मीद,
मुरझाए चेहरे पर, मुस्कुराहट की शान।
रचयिता
वन्दना यादव "गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,
डोभी, जौनपुर।

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