पृथ्वी की आंतरिक संरचना
कक्षा 7
पृथ्वी और हमारा जीवन(भूगोल)
पृथ्वी की आंतरिक संरचना
पाठ 1
आओ बच्चों तुम्हें पढ़ाएँ।
पृथ्वी की संरचना को समझाएँ।।
तीन परतें पृथ्वी के भीतर पाई जातीं
भूपर्पटी मेंटल और क्रोड कहलातीं।।
ऊपरी परत पर मानव जाति पाई जाती।
30 से 70 किलोमीटर तक मोटाई आँकी जाती।।
सिलिका और एल्यूमिनियम की है अधिकता।
तो इसीलिए बच्चों यह सियाल भी कही जाती।।
भूपर्पटी से नीचे मेंटल की है सीमा।
दो भागों में बँटा है यह,
पहला ऊपरी मेंटल तो निचला मेंटल दूजा।।
ऊपरी मेंटल में ही रहता गर्म तरल लावा।
ताप दाब से अक्सर पृथ्वी पर आ जाता।।
मेंटल को ही कहते हैं सीमा।
मोहोरोविक भूवैज्ञानिक हैं इसके खोजकर्ता।।
अंतिम परत को क्रोड कहा जाता।
दो भागों में इसको बाँटा जाता
बाह्य और आंतरिक नाम से जाना जाता।।
निखिल और लोहे से बना यह भाग।
निफे नाम से भी पहचाना जाता।।
रचयिता
शाजिया तसनीम,
इंचार्ज प्रधानाध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौकी,
विकास खण्ड-उरुवा,
जनपद-प्रयागराज।
पृथ्वी और हमारा जीवन(भूगोल)
पृथ्वी की आंतरिक संरचना
पाठ 1
आओ बच्चों तुम्हें पढ़ाएँ।
पृथ्वी की संरचना को समझाएँ।।
तीन परतें पृथ्वी के भीतर पाई जातीं
भूपर्पटी मेंटल और क्रोड कहलातीं।।
ऊपरी परत पर मानव जाति पाई जाती।
30 से 70 किलोमीटर तक मोटाई आँकी जाती।।
सिलिका और एल्यूमिनियम की है अधिकता।
तो इसीलिए बच्चों यह सियाल भी कही जाती।।
भूपर्पटी से नीचे मेंटल की है सीमा।
दो भागों में बँटा है यह,
पहला ऊपरी मेंटल तो निचला मेंटल दूजा।।
ऊपरी मेंटल में ही रहता गर्म तरल लावा।
ताप दाब से अक्सर पृथ्वी पर आ जाता।।
मेंटल को ही कहते हैं सीमा।
मोहोरोविक भूवैज्ञानिक हैं इसके खोजकर्ता।।
अंतिम परत को क्रोड कहा जाता।
दो भागों में इसको बाँटा जाता
बाह्य और आंतरिक नाम से जाना जाता।।
निखिल और लोहे से बना यह भाग।
निफे नाम से भी पहचाना जाता।।
रचयिता
शाजिया तसनीम,
इंचार्ज प्रधानाध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौकी,
विकास खण्ड-उरुवा,
जनपद-प्रयागराज।

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