रक्तदान दिवस

आज दिवस है सुन प्यारे  रक्तदान का,
मानव के सबसे बड़े पुण्य काम का

इससे बढ़कर दुनिया में ना कोई दान है,
जग का महादान प्यारे सिर्फ रक्तदान है

काम आए जो इंसान के इंसान वही है,
किसी किस्मत के मारे का भगवान वही है।

अपने लिए तो जीते हैं दुनिया के जन सभी,
रखते ख्याल अपनी खुशियों का जन सभी।

गैरों के लिए जीने में मिलता है जो मज़ा,
घूम लो जग सारा पर मिले ना ये मज़ा।

मुस्कान बनके देखो किसी के भी होंठ की,
हजार दुआ देगा  तुमको लंबी उम्र की।

रक्त का बस एक ही रंग रूप है,
तेरे मेरे और सबके रक्त का बस लाल रंग है।

जाति धर्म रक्त की ना कोई भी होती,
रक्त की कीमत तो बस इंसानियत होती।

रक्तदान से कभी कमजोरी ना आती,
रक्तदान से बीमारी भी पास ना आती।

घायल हुए जो दुर्घटना और युद्ध में कभी,
हमारा रक्त काम आए उस वक्त उस घड़ी।

ना मिले उन्हें रक्त यदि सही समय पर,
बच सके ना जान उनकी मुसीबत के समय पर।

ना डरो और ना ही भ्रांति पालो,
करके रक्तदान तुम ये महापुण्य कमा लो।

रक्त का दुनिया में ना कोई विकल्प है,
हम सब ही  एकमात्र रक्त के विकल्प हैं।

चार तरह का होता है रक्त का समूह,
ए, बी, ए बी और ओ होता है रक्त का समूह।

जग में सबसे बड़ा होता है खून का रिश्ता,
रक्तदान करके बना लो सबसे अटूट ये रिश्ता।

आओ हम सब मिलकर ये शपथ उठाएँ,
करके रक्तदान जीवन सबका बचाएँ।

रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।

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