जलचर
जल में जलचर, थल पे थलचर
नभ में नभचर रहते हैं,
आओ बच्चों आज हम सब
जलचर की बातें करते हैं।
जल में मछली, जल में झींगा
जल में केकड़ा रहते हैं,
टर्र टर्र करता हुआ मेंढक
पानी में कूदा करते हैं।
सील, ईल, डॉल्फिन और पेंग्विन
पानी में करतब करती हैं,
अपने करतब के दम से
सबका मन मोहा करती हैं।
मगरमच्छ, ऑक्टोपस, कछुआ,
शार्क से सभी डरते हैं,
ओरका और जेलीफ़िश
पानी में चमका करती हैं।।
रचयिता
कमलेश प्रसाद वर्मा,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय रिकेबीपुर,
विकास खण्ड-रामपुर,
जनपद-जौनपुर।
नभ में नभचर रहते हैं,
आओ बच्चों आज हम सब
जलचर की बातें करते हैं।
जल में मछली, जल में झींगा
जल में केकड़ा रहते हैं,
टर्र टर्र करता हुआ मेंढक
पानी में कूदा करते हैं।
सील, ईल, डॉल्फिन और पेंग्विन
पानी में करतब करती हैं,
अपने करतब के दम से
सबका मन मोहा करती हैं।
मगरमच्छ, ऑक्टोपस, कछुआ,
शार्क से सभी डरते हैं,
ओरका और जेलीफ़िश
पानी में चमका करती हैं।।
रचयिता
कमलेश प्रसाद वर्मा,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय रिकेबीपुर,
विकास खण्ड-रामपुर,
जनपद-जौनपुर।

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