ऊष्मा का संचरण
ऊष्मा गति करती जब एक स्थान से दूसरे स्थान,
ऊष्मा संचरण इसको कहते तुम लो ये जान।
ऊष्मा संचरण की विधियाँ हैं तीन,
चालन, संवहन और विकिरण लो गिन।
चालन
ऊष्मा चलती है जब एक अणु से दूसरे तक,
बिना स्थान छोड़े पहुँचती एक सिरे से दूजे तक।
ठोस में होता इस प्रकार संचरण,
इसको कहते हैं हम चालन।
संवहन
जब गर्म होकर अणु अपने स्थान से हट जाए,
ठंडे अणु को अपनी जगह पर लाए।
गैस और द्रव में होता ऐसा संचरण,
इसको कहते हैं देखो संवहन।
विकिरण
जैसे सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक आए,
इसको भला कैसे और कौन रोक पाए।
बिना माध्यम ही जब होए संचरण,
इसको कहते हैं बच्चों विकिरण।
रचयिता
माधुरी जायसवाल,
सहायक अध्यापक,
अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद,
विकास खण्ड-सिकरारा,
जनपद-जौनपुर।
ऊष्मा संचरण इसको कहते तुम लो ये जान।
ऊष्मा संचरण की विधियाँ हैं तीन,
चालन, संवहन और विकिरण लो गिन।
चालन
ऊष्मा चलती है जब एक अणु से दूसरे तक,
बिना स्थान छोड़े पहुँचती एक सिरे से दूजे तक।
ठोस में होता इस प्रकार संचरण,
इसको कहते हैं हम चालन।
संवहन
जब गर्म होकर अणु अपने स्थान से हट जाए,
ठंडे अणु को अपनी जगह पर लाए।
गैस और द्रव में होता ऐसा संचरण,
इसको कहते हैं देखो संवहन।
विकिरण
जैसे सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक आए,
इसको भला कैसे और कौन रोक पाए।
बिना माध्यम ही जब होए संचरण,
इसको कहते हैं बच्चों विकिरण।
रचयिता
माधुरी जायसवाल,
सहायक अध्यापक,
अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद,
विकास खण्ड-सिकरारा,
जनपद-जौनपुर।

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