गर्मी आई पक गए आम

  गर्मी आई पक गए आम,
मीठी-मीठी खुशबू लाए आम,
 रंग है इनका पीला -पीला,
शौक से खाती प्यारी मीना।

 मीना दौड़ी बाग में,
लेकर झूला साथ में,
कुदक-कुदक कर लगी तोड़ने,
मीठे-मीठे आम डाल से,
पर पत्थर का छोटा टुकड़ा,
ले फेंका मीना ने टुकड़ा,
उछल कर गिर गया वह टुकड़ा,
आम ना गया हाथ में पकड़ा।

तभी रखवाला बाग का भागा आया
 सुन मीना के पैरों की छपक छपाका,
 बोला बेटी होगी खूब पिटाई
अगर तोड़ दोगी तुम यह मीठी मिठाई।

उदास होकर मीना घर को वापस आई
 देख उदासी मीना की,
रखवाल चाचा की आँख आँसू से भर आई
 घर में देखा मेज पर पड़ी थी आम की मीठी मिठाई,
खुशी की चमक मीना की आँखों में जो आई।

आई गर्मी पक गए आम
 मीठी-मीठी खुशबू लाए आम!

रचयिता 
तेजेंदर कौर,
सहायक अध्यापिका,
अंग्रेजी माध्यम मॉडल प्राथमिक विद्यालय बिहारीगढ़,
विकास क्षेत्र-मुज़फ़्फ़राबाद,
जनपद-सहारनपुर।

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