समय और ऑनलाइन होमवर्क

समय बड़ा बलवान रे भैया,
समय  बडा  बलवान,
इसके आगे झुक जाते हैं
बड़े-बड़े  पहलवान।।

आज समय ने रंग दिखाया,
दुनिया को कुछ नया सिखाया।
दुनिया के संग हम भी सीखे,
काम किये ऑनलाइन सरीखे।

जीवन में मची बड़ी विकट हलचल,
डरे हुए थे हम  सब  पल-पल।
कैसे  करें  हम  अब  पढ़ाई,
 बीमारी से भी है लड़नी लड़ाई।

फिर शिक्षक ने जुगत लगाई,
शुरू करवाई ऑनलाइन पढ़ाई।
लेकिन  ये  आसान नहीं था भाई,
घर में  ऐसा फोन कहाँ था माई।

कोशिश करना था काम हमारा,
जिनपे फोन थे उनका लिया सहारा।
जुड़ रहे हैं अब एक-एक करके,
होमवर्क के नियमों का पालन करके।

टीचर, बच्चे खुश दिखते हैं,
हर दिन कुछ नया सीखते हैं।
जब तक समय न हो अनुकूल,
घर को ही  समझें  बच्चे  स्कूल।

कुछ  नहीं से तो, कुछ भला है,
घर बैठे सिखाना भी एक कला है।

रचयिता
प्रकाशी महर, 
सहायक अध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोंगा भटवाडी,
जनपद-उत्तरकाशी।

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