साइकिल
लगे तेल और न ही दे धुआँ,
बस लगाओ ताकत, हो जाए रास्ता पूरा।
बच्चे, बूढ़े और जवान इसे आसानी से चलायें,
यह चलती मशीन साइकिल कहलाये।
ना इससे कोई नुकसान और न ही फैलाये प्रदूषण,
जो चलाते साइकिल, उनके शरीर में ऑक्सीजन का पोषण।
जितनी ताकत हम लगायें, उतनी तेज यह जाए,
जब कोई काम ना आये, तो साइकिल साथ निभाये।
जब रास्ते में जाये बिगड़, ले साथ चल दो,
यह तो सेहत का जरिया, कोई नुकसान ना हो।
साइकिल सेहत की सदाबहार साथी होती है,
मारो एक पैडल तो, बस चलती जाती है।
माँसपेशियाँ होती मजबूत, तनाव दूर होता है,
जोड़ सभी क्रियाशील होते, मोटापा भी कम होता है।
जो साइकिल सदा चलाये, वह निरोगी कहलाते हैं,
हर वर्ष 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाते हैं।
रचयिता
शिराज़ अहमद,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय ददरा,
विकास खण्ड-मड़ियाहूं,
जनपद-जौनपुर।
बस लगाओ ताकत, हो जाए रास्ता पूरा।
बच्चे, बूढ़े और जवान इसे आसानी से चलायें,
यह चलती मशीन साइकिल कहलाये।
ना इससे कोई नुकसान और न ही फैलाये प्रदूषण,
जो चलाते साइकिल, उनके शरीर में ऑक्सीजन का पोषण।
जितनी ताकत हम लगायें, उतनी तेज यह जाए,
जब कोई काम ना आये, तो साइकिल साथ निभाये।
जब रास्ते में जाये बिगड़, ले साथ चल दो,
यह तो सेहत का जरिया, कोई नुकसान ना हो।
साइकिल सेहत की सदाबहार साथी होती है,
मारो एक पैडल तो, बस चलती जाती है।
माँसपेशियाँ होती मजबूत, तनाव दूर होता है,
जोड़ सभी क्रियाशील होते, मोटापा भी कम होता है।
जो साइकिल सदा चलाये, वह निरोगी कहलाते हैं,
हर वर्ष 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाते हैं।
रचयिता
शिराज़ अहमद,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय ददरा,
विकास खण्ड-मड़ियाहूं,
जनपद-जौनपुर।

Comments
Post a Comment