प्रकाश संश्लेषण

सभी सजीव लेते हैं अपना भोजन,
ऐसे चलता है उनका जीवन।
हम सब जानें सारे जन्तु और सभी जानवर,
भोजन के लिए पेड़- पौधे और जानवरों पर हैं निर्भर।

पेड़ - पौधे स्वयं बनाएँ अपना भोजन,
इसी क्रिया को कहते हैं बच्चों प्रकाश संश्लेषण।
सूर्य का प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड, जल और क्लोरोफिल,
भोजन पत्ती में बनाएँ ये चारों मिल।

न चूल्हा न चाहिए इनको कोई ईंधन,
सूरज से लेते हैं प्रकाश ऊर्जा आजीवन।
हरे - हरे पत्तों में मिलती इनके क्लोरोफिल,
प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदले मिल।

हवा से लेते रन्ध्रों द्वारा कार्बन डाईआक्साइड,
यहीं से आक्सीजन को निकाल कर कर दे साइड।

पानी पहुँचे जड़ों से पत्ती तक बहकर,
पानी, कार्बन डाइऑक्साइड से बने ग्लूकोज इनके अंदर।

रचयिता
माधुरी जायसवाल,
सहायक अध्यापक,
अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद, 
विकास खण्ड-सिकरारा, 
जनपद-जौनपुर।

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