साक्षरता गीत

सबको पढ़ाना लिखाना है,
नहीं अनपढ़ बनाना।
हाय-हाय रे नहीं अनपढ़ बनाना।

स्कूल में चलके नाम लिखाना,
खेतो में मत काम कराना।
बच्चों का भविष्य बनाना है,
नहीं अनपढ़ बनाना...

मुफ्त किताबें मुफ्त में बस्ता,
भोजन भी वहाँ बढ़िया मिलता।
गाँव में सबको बताना है,
नहीं अनपढ़ बनाना...

प्रशिक्षित शिक्षक यहाँ पढ़ाते,
नए तरीकों से हैं पढ़ाते।
सबको जागरूक बनाना है,
नहीं अनपढ़ बनाना...

सरकारी स्कूल में तो अब,
सुविधाएँ मिलती हैं सब।
बच्चों का नाम लिखाना हैं,
नहीं अनपढ़ बनाना।

रचयिता
अशोक कुमार,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय रामपुर कल्याणगढ़
विकास खण्ड-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।

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